कोरोना virus  felti hui bimari


 चीन में नए केरोना वायरस (corona virus) से मृत्यु का आंकड़ा 110 के पार जाने के बाद संक्रमण वाले मामलों की संख्या लगभग तिगुनी हो गई है। वायरस चीन में मार्केट में अवैध रूप से बेचे गए (चमगादड़ और सांप) जैसे वन्यजीवियों से उभरा और मानव से मानव संपर्क के माध्यम से फैल गया।


 चीन में (Wuhan coronavirus) नए केरोना वायरस (corona virus) से मृत्यु का आंकड़ा 110 के पार जाने के बाद संक्रमण वाले मामलों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। वायरस वुहान में एक सीफूड मार्केट में अवैध रूप से बेचे गए (चमगादड़ और सांप) जैसे वन्यजीवियों से उभरा और मानव से मानव संपर्क के माध्यम से फैल गया। सीएमएएओ, एचसीएफआई के अध्यक्ष और आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल ने केरोना वायरस से जुड़े मिथकों पर चर्चा की और इससे जुड़े तथ्यों (corona virus facts & myths) के बारे में जानकारी दी

कोरोना नाम क्यों रखा

इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप के नीचे देखने पर यह क्राउन या सोलर कोरोना की तरह दिखाई देता है, इसलिए इसका नाम इसके आकार के कारण केरोनो वायरस रखा गया है। अब तक के तीन जानलेवा कोरोना वायरस जो कि मानव श्वसन को नुकसान पहुंचाते हैं वो हैं-

इन कोरोना वायरस से होने वाले इंफेक्शन में गंभीर इन्फ्लेमेट्री रिस्पॉन्स देखने को मिलते हैं।

मरने वालो की संख्या

वर्तमान स्थिति में, मृत्यु दर 3 प्रतिशत है। बीमारी की गंभीरता चिंता का कारण है। लगभग एक तिहाई रोगियों में तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम विकसित, छह मरीजों की मौत, पांच को तीव्र हृदय की परेशानी और चार रोगियों को वेंटिलेशन पर रखा गया।

विमान पर खाद्य जनित रोगों के संचरण की सूचना मिली है, जिसमें हैजा, शिगेलोसिस, साल्मोनेलोसिस और स्टेफिलोकोकल फूड पॉइजनिंग शामिल हैं। 1965 में विमान पर चेचक के संक्रमण की सूचना मिली थी। 1979 में उड़ान के दौरान यात्रियों के बीच इन्फ्लूएंजा का प्रकोप हुआ था, जिसमें टेकऑफ से पहले तीन घंटे की देरी हुई थी। यात्रियों के बीच इन्फ्लूएंजा फैलने की दर बहुत अधिक (72 प्रतिशत) है। इसमें ग्राउंड डिले के दौरान वेंटिलेशन सिस्टम के संचालन की विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। खसरा भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए फैल सकता है। कमर्शियल उपयोग में लगाए गए विमान के जरीए टीबी का कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है। हालांकि, किसी संक्रमित यात्री या चालक दल के सदस्य से अन्य यात्री या क्रू सदस्यों में एम.ट्यूबरकुलोसिस का संचरण लंबी  उड़ानों के दौरान हो सकता है।

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